Product / Service #1

समाज में शादियां जटिल होती जा रही है. आज भी भारतीय समाज में ज्यादातर विवाह अरैंज्ड मैरिज ही होती है. इन सब के बीच हमारा समाज तेजी से बदल रहा है. पहले मां – बाप शादी तय करते थे लेकिन अब बच्चों की भूमिका बढ़ रही है. पारंपरिक शादियों में सिर्फ नौकरी और परिवार देखा जाता था. अब जो आधुनिक समाज है. वहां पति – पत्नी के पसंद – नापसंद और व्यक्तिगत रूचियां भी मायने रखने लगी है.
दो दशक पहले तक शादियों में पंडितों की भूमिका बढ़ – चढ़कर होती है. वे रिश्ते लेकर पहुंचते थे और शादी की बात शुरू होती थी. आज के समय में लोग पसंद होने पर भी एप्रोच करना नहीं चाहते हैं. ऐसे समय में एक ऐसे मंच की जरूरत महसूस की जा रही है जो बिहार – झारखंड जैसे राज्यों में शादियों को आसन कर सके. हम ‘अगुआ ऑन लाइन’ के रूप में एक ऐसा मंच तैयार किये हैं जो बिहार और झारखंड के समाज को ध्यान में रखकर बनाये हैं.

कैसे काम करेगा अगुआ
अगुआ की भूमिका वहीं होगी, जो पारंपरिक समाज में अगुआ की होती थी. बस इसमें आधुनिकता का समावेश है.

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Product / Service #2

शादी से पहले कुंडली मिलाने की परंपरा बरसों पुरानी है, ये कब शुरू हुई कोई नही जानता, लेकिन जब तक हिंदू परिवार में कुंडली मिलान नही होता, विवाह संभव नही है। यहां ये बात भी जरूरी है कि जो भी विशेषज्ञ कुंडली मिला रहा है वह इसका ज्ञाता हो। शादी से पहले वर-वधू की कुंडली मिलान करते वक्त मंगल ग्रह, नाडी और षडाष्टक का विचार अनिवार्य बताया गया है.